जाने क्या तैयारी है चतरा में कोविड19 से निपटने के लिए ? चतरा उपायुक्त ने क्या बताया पढ़े पूरा

प्रशासन की अनुरोध का संज्ञान नहीं लिए तो ताक़त के जोर पर पालन कराने को विवश होंगे, डीसी, एसपी।



 कोविड 19 की जंग के लिए भरपूर मात्रा में संसाधन जिले में मौजूद है, डीसी।



 किसी भी स्तर पर अफवाह घृणा या आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, एसपी।


 धार्मिक उन्माद जैसी टिप्पणी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, एसपी।


 खाद्यान्न एंव अन्य सामग्रियों की जिले में कोई कमी नहीं है, डीसी।


 कोविड 19 के सर्वे के लिए 1100 टीमें युद्व स्तर पर कार्यरत हैं ,  डीसी


 पीडीएस दुकान से फिलहाल राज्य सरकार द्वारा निर्धारित राशन दी जा रही है , केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दस केजी राशन मई में दी जाएगी , डीसी।




चतरा 15 अप्रैल  कोविड 19 से सुरक्षा की जंग जारी है।लौकडाउन तथा सोशल डिस्टेंनसिंग की पूर्णतः पालन के लिए अनुरोध और अपील की जा रही है। यह प्रशासन का प्रथम कर्तब्य है। लेकिन लोग हमारे अपील को संज्ञान में नहीं लेते हैं तो ताक़त की बुनियाद पर सख्ती के साथ पालन कराने को विवश होंगे।उक्त बातें लंबे अंतराल के बाद डीसी और एसपी ने संयुक्त रूप से प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहे।
             समाहरणालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीसी जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि चतरा के लिए फिलहाल राहत की खबर है।जिले में अब तक कोविड 19 के एक भी रोगी नहीं है।जिले से 46 सैंपल्स जांच के लिए भेजा गया था। 44 का रिपोर्ट नेगेटिव आया है, शेष दो का रिपोर्ट आना है।मैं नहीं कह सकता हूं कि आगे चतरा का रिजल्ट किया होगा।लेकिन चतरा की जनता WHO और सरकार की गाईड लाइन पर सख्ती के साथ पालन करते रहे तो हम कोरोना वायरस की जंग लड़ कर जीत सकते हैं। इसके लिए हम सब को एक मत तथा आपसी तालमेल , वक़्त की सबसे बड़ी डिमांड है।किसी भी स्तर पर अफवाह घृणा या आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।श्री सिंह और श्री वारियर ने जोर देकर कहा कि कारवाई करने के लिए पर्याप्त प्रावधान निहित है।कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाई जा रही है।
              कोरोना वायरस कोविड 19 से जंग के लिए पर्याप्त मात्रा में संसाधन जिले में मौजूद है। जिले के 193 क्वॉरेंटाइन सेंटर में चार हजार 351 व्यक्तियों को रखा गया है।
     
          जिले के कुल 15 हज़ार 199 श्रमिक झारखण्ड प्रदेश से बाहर के प्रदेशों में हैं।जबकि जिले के दो हज़ार 544 श्रमिक झारखण्ड प्रदेश के विभिन्न जिलों में हैं।सब सुरक्षित रहें इस की चिंता जिला प्रशासन को है।

       कोविड 19 के सर्वे के लिए एक हज़ार एक सौ टीम जिले में कार्यरत हैं।तीन दिन की इस अभियान का आज दूसरा दिन है।अगले एक दिन के बाद जिले का सर्वे रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपी जानी है।इस अभियान का उद्देश्य किस प्रकार की रोगी जिले में फिलहाल हैं। कोरोना वायरस कोविड 19 के संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान कर सहानुभूति पूर्वक उनका समुचित उवचार कराना है।कोविड 19 से संक्रमित व्यक्ति को अपराधी की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है।यह संक्रमण किसी को भी लग सकती है।इस संक्रमण से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। बल्कि हिम्मत के साथ सामने आ कर अपनी तथा अपनी परिवार और समाज को भला करना है।

डीसी श्री सिंह ने कहा कि पीडीएस दुकान से मिल रही अनाज को लेकर बहुत लोग दिग्भ्रमित हो रहे हैं । दस किलोग्राम प्रति सदस्य अप्रैल तथा मई महीने में सरकारी स्तर पर देने की घोषणा की  गई है।जबकि पीडीएस दुकान से दोनों महीने का राशन मात्र दस किलोग्राम ही दिया जा रहा है।डीसी श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दस किलोग्राम अभी दी जा रही है।केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दस किलोग्राम राशन मई महीने में अलग से दी जाएगी।उन्हों ने कहा कि फिलहाल केंद्र सरकार द्वारा आवंटित अनाज़ रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित स्थान जिले में नहीं रहने के कारण विलम्ब हुई है।लेकिन मई महीना में निश्चित रूप से कार्डहोल्डरों को दस किलोग्राम राशन दी जाएगी।

           राशन कार्ड जिन व्यक्तियों के पास नहीं है उन्हें प्रति व्यक्ति दस किलोग्राम अनाज दी जा रही है। मुख्यमंत्री दालभात योजना के तहत 42 स्थानों पर मुफ्त भोजन की व्यवस्था है।जिस में से चार स्थान जिले के टंडवा सिमरिया, म्यूरहनद और चतरा सदसर थाना में चल रहा है। जिले में दीदी रसोई के तहत 155  पंचायत मुख्यालय में मुफ्त भोजन परोसा जा रहा है। एनजीओ के द्वारा भी बड़े पैमाने पर रिलीफ का कार्य किया जा रहा है। जिले में सांसद के द्वारा 40 लाख रुपए चतरा विधायक सह मंत्री सत्यानन्द भोक्ता द्वारा 25 लाख रुपए ,सिमरिया विधायक द्वारा 20 लाख रुपये और झारखंड सरकार की ओर से 50 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।जिला रिलीफ फंड में जिन लोगों ने दान किए , उनका राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में भेज दी गई है।जिले में फिलहाल किसी तरह की कोई कमी नहीं है।केवल  WHO और सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए अपना, अपने परिवार, समाज, जिला और राज्य तथा देश को सुरक्षित रखने में सहयोग करने की है।
                जिले में खाद्यान्न एंव अन्य आवश्यक सारी सामाग्री भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। हायतौबा मचाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सामाग्री क्रय के समय भी सोशल डिस्टेंनसिंग का पूरा ख्याल रखना है।
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Source
मामून रशीद
उर्दू मीडिया चतरा

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